
होशियारपुर: पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। सरेआम हो रही आपराधिक वारदातें पुलिस प्रशासन के दावों की पोल खोल रही हैं। ताजा मामला होशियारपुर में जालंधर रोड स्थित आईटीआई कॉलेज के पास महाराजा रणजीत सिंह नगर का है, जहां शनिवार देर शाम करीब 7 बजे बेखौफ बदमाशों ने एक महिला की कनपटी पर नकली पिस्तौल तानकर लूट की वारदात को अंजाम दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जैनब खान नामक महिला अपने बेटे रिहान के साथ बाजार से लौट रही थीं। जैसे ही वे अपने घर के बाहर पहुंचे, पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने गली बंद होने के बहाने उन्हें रोका। इसके बाद एक बदमाश ने अचानक महिला की कनपटी पर पिस्तौल रख दी और गले से चेन छीन ली। इस खौफनाक मंजर के बीच बेटे ने समझदारी दिखाते हुए घर के अंदर मौजूद अपने पिता रियाज खान को आवाज लगाई।

पति और स्थानीय लोगों ने दिखाया साहस
आवाज सुनते ही महिला के पति रियाज खान तुरंत बाहर आए और बिना डरे लुटेरों से भिड़ गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए। खुद को घिरता देख बदमाशों ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने पीछा करके दोनों आरोपियों को उनकी बाइक और पिस्तौल समेत धर दबोचा। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने दोनों की जमकर धुनाई की और पुलिस को घटना की सूचना दी।

पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की सूचना मिलते ही थाना मॉडल टाउन (होशियारपुर) के एसएचओ बलजिंदर सिंह मल्ली अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। जांच में सामने आया कि बदमाशों द्वारा इस्तेमाल की गई पिस्तौल महज एक खिलौना (नकली) थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी लगातार गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं; वे कभी खुद को आदमपुर का निवासी बताते हैं तो कभी अमृतसर का। फिलहाल पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और गहराई से जांच कर रही है।
कानून-व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल
यह घटना पंजाब में बेकाबू हो रहे अपराध और अपराधियों में पुलिस के खत्म होते खौफ का जीता-जागता उदाहरण है। रिहायशी इलाकों में शाम के वक्त ऐसी वारदातें होना आम जनता की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है। राज्य में ‘लॉ एंड ऑर्डर’ की स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी है कि आम आदमी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। यदि मौके पर महिला के पति और स्थानीय लोगों ने बहादुरी नहीं दिखाई होती, तो ये अपराधी आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते। प्रशासन को बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए अब कड़े और ठोस कदम उठाने की सख्त जरूरत है।
